खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल (केएसएलएफ) का 15वां एडिशन इस वर्ष खास होने जा रहा है। साहित्य, पत्रकारिता, राजनीति, व्यापार, तकनीक, संस्कृति और कला जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 25 अक्टूबर, 2026 तक हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थल कसौली में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष फेस्टिवल का मुख्य विषय “द आर्ट ऑफ डिसएग्रीमेंट: कॉन्वर्सेशन एक्रॉस डिवाइड्स” रखा गया है, जिसका उद्देश्य अलग-अलग विचारधाराओं के बीच संवाद को बढ़ावा देना और लोगों को एक-दूसरे के विचारों को समझने के लिए प्रेरित करना है।
वर्तमान समय में जब समाज के विभिन्न वर्गों के बीच वैचारिक मतभेद और ध्रुवीकरण बढ़ता दिखाई दे रहा है, ऐसे में खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल संवाद की अहमियत को सामने लाने का प्रयास करेगा। फेस्टिवल का विषय इस विचार पर आधारित है कि असहमति का अर्थ केवल विरोध करना नहीं, बल्कि दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण को सुनना, समझना और उस पर गंभीरता से विचार करना भी है। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि अलग-अलग विचार रखने वाले लोग भी बातचीत के जरिए एक-दूसरे के करीब आ सकते हैं और साझा समाधान तलाश सकते हैं।
फेस्टिवल के डायरेक्टर राहुल सिंह ने इस आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि केएसएलएफ 2026 में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियां हिस्सा लेंगी। राहुल सिंह प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार स्वर्गीय खुशवंत सिंह के पुत्र हैं। उन्होंने फेस्टिवल की क्यूरेटर मधुर सिंह के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए इस वर्ष के कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल का उद्देश्य केवल साहित्यिक चर्चाओं तक सीमित रहना नहीं, बल्कि समाज, विचारों और बदलती दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर खुलकर चर्चा करने के लिए एक सार्थक मंच तैयार करना है।
राहुल सिंह के अनुसार, फेस्टिवल के विभिन्न सत्रों में साहित्य, राजनीति, व्यापार, तकनीक, समाज, संस्कृति और कला से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इन चर्चाओं के माध्यम से यह समझने का प्रयास होगा कि असहमति के बावजूद संवाद कैसे जारी रखा जा सकता है और अलग-अलग विचार किस तरह हमारी सोच को व्यापक बना सकते हैं। वक्ता अपने अनुभवों, विचारों और दृष्टिकोणों के जरिए यह भी बताएंगे कि किसी मुद्दे को केवल अपने नजरिए से देखने के बजाय दूसरों की बात सुनना क्यों जरूरी है। इसका उद्देश्य दर्शकों को आलोचनात्मक सोच अपनाने और स्थापित धारणाओं पर नए सिरे से विचार करने के लिए प्रेरित करना है।
इस वर्ष के फेस्टिवल में 80 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें मशहूर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र से जुड़े सोनम वांगचुक, पूर्व सेना प्रमुख जनरल (डॉ.) मनोज मुकुंद नरवणे (सेवानिवृत्त), सार्थक आहूजा, अभिनेत्री संध्या मृदुल, पत्रकार विष्णु सोम, अभिनेत्री दिव्या दत्ता और प्रसिद्ध पंजाबी गायक सतिंदर सरताज सहित कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले ये वक्ता अपने अनुभवों और विचारों को साझा करेंगे, जिससे दर्शकों को समकालीन विषयों को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिलेगा।
केएसएलएफ 2026 का एक प्रमुख आकर्षण इसकी आयोजन व्यवस्था भी होगी। इस वर्ष कसौली क्लब के तीन अलग-अलग स्थानों—बैडमिंटन कोर्ट, टेरेस और टेनिस लॉन—में विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर साहित्यिक चर्चाओं, विचार-विमर्श और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होगा। कसौली का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता इस साहित्यिक महोत्सव को एक विशेष अनुभव प्रदान करेगी। आयोजन का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां वक्ता और दर्शक सहजता से विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक बातचीत का हिस्सा बन सकें।
फेस्टिवल में युवाओं को साहित्य और रचनात्मकता से जोड़ने के लिए ‘राइटिंग द नेक्स्ट चैप्टर’ नामक पहल भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत रचनात्मक कार्यशालाओं और रोचक गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागियों को अपनी कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति को विकसित करने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य युवाओं में पढ़ने-लिखने की रुचि बढ़ाना, नए विचारों के प्रति जिज्ञासा पैदा करना और उन्हें रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करना है। इस पहल के जरिए युवा पीढ़ी को साहित्य की दुनिया से जोड़ने के साथ-साथ अपनी बात प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल की पहचान हमेशा से विचारों की विविधता और स्वतंत्र संवाद को प्रोत्साहित करने वाले मंच के रूप में रही है। इसका 15वां एडिशन इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो आज के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। साहित्यकारों, पत्रकारों, कलाकारों, शिक्षाविदों और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों के बीच होने वाली चर्चाएं दर्शकों को विभिन्न दृष्टिकोणों से परिचित कराएंगी। इससे न केवल ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होगा, बल्कि लोगों को अपनी सोच की सीमाओं से बाहर निकलकर व्यापक नजरिया अपनाने का अवसर भी मिलेगा।
इस वर्ष के फेस्टिवल का विषय ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है, जब सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के कारण विचारों का प्रसार तेजी से हो रहा है, लेकिन कई बार असहमति के दौरान सार्थक बातचीत की जगह आरोप-प्रत्यारोप ले लेते हैं। ऐसे माहौल में केएसएलएफ 2026 यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि लोकतांत्रिक और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए एक-दूसरे की बात सुनना, सवाल पूछना और तथ्यों के आधार पर विचार करना आवश्यक है। फेस्टिवल में होने वाली चर्चाएं इस बात पर भी जोर देंगी कि विचारों में अंतर होना स्वाभाविक है, लेकिन उस अंतर को समझदारी और सम्मान के साथ स्वीकार करना सामाजिक संबंधों को मजबूत बना सकता है।
खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल का 15वां एडिशन साहित्य, संस्कृति और विचारों के माध्यम से लोगों को जोड़ने की अपनी परंपरा को एक बार फिर मजबूत करेगा। 23 से 25 अक्टूबर तक कसौली में आयोजित होने वाला यह महोत्सव विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को एक मंच पर लाकर संवाद, रचनात्मकता और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा। राहुल सिंह और उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम इस विचार को रेखांकित करेगा कि असहमति किसी बातचीत का अंत नहीं, बल्कि एक नई समझ की शुरुआत हो सकती है। साहित्य और संवाद की इसी शक्ति के साथ केएसएलएफ 2026 लोगों को अपने विचारों पर पुनर्विचार करने, दूसरों के नजरिए को समझने और मतभेदों के बीच भी आपसी संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

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