पंचकूला के सेक्टर-16 पुलिस चौकी के सामने स्थित इंदिरा कॉलोनी में 16 अक्टूबर को अवैध कब्जे हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। पीएमडीए की टीम जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंची थी, जहां पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बन गई, जिसके चलते अभियान आगे नहीं बढ़ सका। इस घटनाक्रम के कारण इलाके में काफी हलचल देखने को मिली।
अवैध कब्जों को हटाने के लिए पहुंची टीम के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुरमीत सिंह और डीटीपी अजमेर सिंह भी मौके पर मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों का उद्देश्य मौके पर स्थिति को संभालते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाना था, लेकिन इसी दौरान विरोध तेज हो गया और प्रशासन के सामने अभियान पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई।
इसी बीच कांग्रेस नेता राम प्रसाद अपनी पत्नी उषा रानी और करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए जेसीबी मशीन को आगे बढ़ने से रोक दिया। समर्थकों के एकत्र होने के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इसके चलते प्रशासनिक टीम को कार्रवाई आगे बढ़ाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस नेता राम प्रसाद और उनके समर्थकों के विरोध के बाद डीटीपी अजमेर सिंह ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने लोगों को समझाने और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कांग्रेस नेता और उनके समर्थक अपनी मांग पर अड़े रहे। इस कारण मौके पर मौजूद अधिकारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
कांग्रेस नेता राम प्रसाद ने इस दौरान अदालत में चल रहे मामले का हवाला दिया। उनका कहना था कि इंदिरा कॉलोनी से जुड़े इस मामले की सुनवाई पहले से ही अदालत में जारी है और अगली सुनवाई की तारीख 16 दिसंबर, 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक अदालत का फैसला नहीं आ जाता, तब तक मौके पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने और उनके समर्थकों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया।
राम प्रसाद ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि अदालत में मामला विचाराधीन होने के कारण फिलहाल कार्रवाई को रोक दिया जाना चाहिए। उनके साथ मौजूद समर्थकों ने भी इसी बात पर जोर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि अदालत की सुनवाई पूरी होने और मामले पर निर्णय आने तक स्थिति को यथावत रखा जाए। हालांकि, इस संबंध में अदालत के किसी आदेश या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
दूसरी ओर, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास जारी रखा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुरमीत सिंह और डीटीपी अजमेर सिंह ने विरोध कर रहे लोगों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की। प्रशासन की मौजूदगी में लोगों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन विरोध के चलते जेसीबी मशीन से कब्जे हटाने का अभियान शुरू नहीं हो पाया। मौके पर स्थिति को देखते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाने में बाधा बनी रही।
इंदिरा कॉलोनी में इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचना था। कांग्रेस नेता और उनके समर्थकों के विरोध के कारण प्रशासनिक टीम को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी। हालांकि, मौके पर किसी अप्रिय घटना या अन्य कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हुई।
काफी प्रयासों के बावजूद जब प्रशासनिक अधिकारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच सहमति नहीं बन पाई, तो अवैध कब्जे हटाने का अभियान आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद पीएमडीए की टीम और पुलिस मौके से वापस लौट गई। इस तरह इंदिरा कॉलोनी में अवैध कब्जे हटाने के लिए पहुंची टीम को विरोध के कारण बिना कार्रवाई पूरी किए लौटना पड़ा। अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाएगा, यह प्रशासन की आगामी कार्रवाई और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
पंचकूला की इंदिरा कॉलोनी में हुई इस घटना ने अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई और अदालत में लंबित मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। एक ओर प्रशासन अवैध कब्जे हटाने के लिए मौके पर पहुंचा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राम प्रसाद और उनके समर्थकों ने अदालत में सुनवाई का हवाला देते हुए कार्रवाई का विरोध किया। फिलहाल, 16 अक्टूबर को प्रस्तावित अभियान पूरा नहीं हो सका और प्रशासनिक टीम वापस लौट गई। मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर, 2026 को निर्धारित होने की बात कांग्रेस नेता राम प्रसाद ने कही है।

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