अनंतनाग, 16 अक्टूबर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के शांगस क्षेत्र में स्थित अंदू नौगाम गांव में शुक्रवार को उस समय लोगों ने राहत की सांस ली, जब वन्यजीव विभाग की टीम ने रिहायशी इलाके में घूम रहे एक काले भालू को सफलतापूर्वक जिंदा पकड़ लिया। भालू की मौजूदगी से इलाके में पिछले कई दिनों से दहशत का माहौल बना हुआ था। स्थानीय निवासी उसकी गतिविधियों को लेकर चिंतित थे और सुबह-शाम घरों से बाहर निकलने में भी सावधानी बरत रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने भालू को अंदू नौगाम के रिहायशी इलाके में घूमते हुए देखा। आबादी के बीच जंगली जानवर की मौजूदगी से लोगों में भय फैल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने बिना देर किए वन्यजीव विभाग को इसकी सूचना दी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
सूचना मिलने के बाद वन्यजीव विभाग के अछाबल स्थित कंट्रोल रूम की टीम तुरंत सक्रिय हुई और घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और भालू को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। वन्यजीव कर्मियों ने पूरी सावधानी के साथ कार्रवाई की, ताकि भालू के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
भालू को पकड़ने के लिए वन्यजीव विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विशेषज्ञों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत भालू को बेहोश करने के लिए ट्रैंक्विलाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके बाद टीम ने उसे सफलतापूर्वक अपने नियंत्रण में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, पूरी कार्रवाई के दौरान किसी को नुकसान पहुंचाए बिना भालू को जिंदा पकड़ लिया गया।
गौरतलब है कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से भालू की मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। रिहायशी क्षेत्र के आसपास उसके दिखाई देने की आशंका के चलते स्थानीय निवासी सतर्कता बरत रहे थे। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय घरों से बाहर निकलने वाले लोगों में डर बना हुआ था। ग्रामीणों को आशंका थी कि अचानक भालू के सामने आने से कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
वन्यजीव विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है। भालू को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से क्षेत्र में संभावित खतरे को कम करने में मदद मिली है। इस घटना ने एक बार फिर आबादी वाले क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही और मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए भालू की चिकित्सकीय जांच की जाएगी। जांच के दौरान उसकी शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य का आकलन किया जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई उचित तरीके से की जा सके। वन्यजीव विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भालू को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने से पहले उसकी स्थिति का पूरा मूल्यांकन हो जाए।
चिकित्सकीय परीक्षण पूरा होने के बाद भालू को मानव आबादी से दूर किसी सुरक्षित प्राकृतिक आवास में स्थानांतरित किया जाएगा। विभाग की योजना है कि उसे ऐसे स्थान पर छोड़ा जाए, जहां वह प्राकृतिक वातावरण में रह सके और दोबारा रिहायशी क्षेत्र में पहुंचने की आशंका कम हो। हालांकि, उसे स्थानांतरित करने के लिए चुने जाने वाले स्थान के संबंध में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
इस घटना के बाद वन्यजीव विभाग ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी क्षेत्र में भालू या अन्य जंगली जानवर दिखाई दें, तो लोग तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। जंगली जानवरों के करीब जाने, उन्हें परेशान करने या खुद पकड़ने की कोशिश करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थिति में लोगों और जानवरों दोनों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
वन्यजीव विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगली जानवरों की गतिविधियों को लेकर अफवाहें फैलाने के बजाय प्रशासन और संबंधित विभाग के निर्देशों का पालन करें। अंदू नौगाम में भालू को सुरक्षित पकड़े जाने की कार्रवाई से फिलहाल स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों के अनुसार, भालू की चिकित्सकीय जांच के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। (जीएनएस)

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