पुनीत महाजन | चंडीगढ़, 18 अक्टूबर 2026।
चंडीगढ़ में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व इस वर्ष भी धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी, सेक्टर-46 की ओर से 20 अक्टूबर को सेक्टर-46 स्थित सब्जी मंडी वाले मैदान में 29वें दशहरा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर 106 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन मुख्य आकर्षण रहेगा। आयोजकों के अनुसार, इस बार महोत्सव को विशेष बनाने के लिए कई आकर्षक व्यवस्थाएं की गई हैं। रावण के पुतले की घूमती गर्दन और चेहरा, नाभि से निकलने वाली अमृत कुंड की धारा, आंखों से निकलने वाले आग के अंगारे और सोने की लंका का दहन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली सहित पूरे ट्राइसिटी से एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे।
महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करने के लिए रविवार को श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-46 में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इसमें कमेटी के मुख्य संरक्षक एवं चेयरमैन जतिंदर भाटिया, प्रधान नरिंदर कुमार भाटिया, महासचिव सुशील सोवत तथा अन्य सदस्यों ने आयोजन से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमेटी की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी दशहरे को धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ मनाने की तैयारी की गई है। आयोजन का उद्देश्य लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की विजय के संदेश से जोड़ना है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए भी व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं।
इस वर्ष दशहरा महोत्सव में धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक जागरूकता को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। कमेटी के मुख्य संरक्षक एवं चेयरमैन जतिंदर भाटिया ने बताया कि चंडीगढ़ के प्रशासक की ओर से चलाए जा रहे ‘नशामुक्त चंडीगढ़’ अभियान के समर्थन में आयोजन स्थल पर नशे के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया जाएगा। इसके माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का भी अवसर है। नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ लोगों को एकजुट करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
दशहरा महोत्सव में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कमेटी के प्रधान नरिंदर कुमार भाटिया और महासचिव सुशील सोवत ने बताया कि कार्यक्रम में पंजाब के पूर्व स्पेशल चीफ सेक्रेटरी वीके सिंह (आईएएस), चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ विजिलेंस अफसर एवं चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ डी. कार्तिके (आईएएस), चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टर सोशल वेलफेयर नवीन रत्तू (दानिक्स) तथा पंजाब अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी, एसएएस नगर मोहाली के एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राकेश कुमार पोपली (पीसीएस) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। जीजीडीएसडी कॉलेज सोसाइटी, चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सिद्धार्थ शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इसके अतिरिक्त चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा, चंडीगढ़ नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय शर्मा, गोस्वामी गणेश दत्ता सनातन धर्म कॉलेज, सेक्टर-32 के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा, चंडीगढ़ के पूर्व चीफ इंजीनियर किशनजीत सिंह और एसके चड्ढा भी विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति महोत्सव की गरिमा बढ़ाएगी। धार्मिक आयोजन के दौरान शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी हस्तियों की सहभागिता भी देखने को मिलेगी। कमेटी की ओर से अतिथियों के स्वागत और कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
महोत्सव के दौरान समाज और अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली दो हस्तियों को ‘चंडीगढ़ रत्न अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। जतिंदर भाटिया ने बताया कि इस वर्ष महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी के उप-कुलपति प्रोफेसर प्रदीप सिंह वालिया और चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग में सब-डिवीजनल इंजीनियर सरबन सिंह को उनके सराहनीय कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। कमेटी की ओर से प्रत्येक वर्ष उन व्यक्तियों को सम्मानित करने की परंपरा निभाई जाती है, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान दिलाना है।
दशहरा महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शहर की विभिन्न रामलीला कमेटियों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। महासचिव सुशील सोवत ने बताया कि आयोजन स्थल पर बनाए गए मंच से परशुराम-श्रीराम संवाद, रावण-श्रीराम संवाद और श्री हनुमान-रावण संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। इन धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं और उनके संदेशों से रूबरू कराया जाएगा। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए तीर-कमान, गदा और तलवार जैसे खिलौने वितरित किए जाएंगे। आयोजकों का प्रयास है कि महोत्सव में आने वाले परिवारों और बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव के साथ मनोरंजन के अवसर भी मिलें।
कार्यक्रम की शुरुआत 20 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे सेक्टर-46 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर से निकाली जाने वाली भव्य शोभायात्रा से होगी। कमेटी के प्रधान नरिंदर कुमार भाटिया और महासचिव सुशील सोवत ने बताया कि शोभायात्रा सेक्टर-47 और सेक्टर-45 से होते हुए शाम लगभग 4:30 बजे सेक्टर-46 के दशहरा आयोजन स्थल पर पहुंचेगी। इसके बाद धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। दिनभर चलने वाले कार्यक्रमों के समापन पर सूर्यास्त के बाद मंत्रोच्चारण के साथ रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इस दौरान सोने की लंका का दहन भी महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर बैठने और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। जतिंदर भाटिया ने बताया कि दर्शकों की सुविधा के लिए लगभग आठ हजार कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। चंडीगढ़ पुलिस के जवानों के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा, ताकि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम की दमकल गाड़ियों और एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी। इसके अतिरिक्त महोत्सव का कई प्रमुख टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे आयोजन स्थल पर नहीं पहुंच पाने वाले लोग, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग, घर बैठे कार्यक्रम देख सकेंगे।
श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी ने महोत्सव की तैयारियों में योगदान देने वाले सभी सदस्यों और संबंधित विभागों का आभार व्यक्त किया है। कमेटी के अनुसार, पिछले कई दिनों से डीडी शर्मा, अशोक भारद्वाज, हरकेश जोशी, जोली तरीका, हरजेश विमल, सुमित गुप्ता, सुदर्शन बत्रा, गुलशन जी, वरुण कुमार, दीपक भारद्वाज और कृष्ण मुसाफिर सहित अन्य सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन, चंडीगढ़ नगर निगम, चंडीगढ़ पुलिस और स्थानीय निवासियों से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। आयोजकों ने शहरवासियों से दशहरा महोत्सव में शामिल होकर पर्व की परंपरा, धार्मिक आस्था और बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को उत्साहपूर्वक मनाने की अपील की।

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