श्रीनगर, 18 अक्टूबर। जम्मू-कश्मीर में उरी-बारामूला हाईवे पर रविवार को पांच दिन बाद वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, राजेरवानी क्षेत्र में हुए बड़े भूस्खलन के कारण यह महत्वपूर्ण सड़क मार्ग 14 अक्टूबर से बंद था। भारी बारिश के बाद पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और इस मार्ग से आवागमन करने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार को मार्ग दोबारा खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई।
अधिकारियों के मुताबिक, 14 अक्टूबर को हुई भारी बारिश के कारण राजेरवानी में भूस्खलन हुआ था। पहाड़ी से गिरे विशाल पत्थरों और मलबे ने सड़क के बड़े हिस्से को अवरुद्ध कर दिया, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। यह मार्ग उरी और बारामूला के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन है। इसके बंद होने से स्थानीय निवासियों, यात्रियों और इस सड़क पर निर्भर लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क को दोबारा खोलने के लिए मलबा हटाने और मार्ग को यातायात के योग्य बनाने की कार्रवाई की गई।
हाईवे बंद रहने के दौरान प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल किया। वाहनों को गिंगल-परनपिल्लन-दाची सड़क से होकर भेजा गया, ताकि उरी क्षेत्र का संपर्क बना रहे। हालांकि, मुख्य मार्ग बंद होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ा। पांच दिन तक जारी इस स्थिति के बाद रविवार को हाईवे खुलने से लोगों को काफी राहत मिली।
भूस्खलन की घटना का असर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा था। अधिकारियों ने बताया कि मलबा गिरने की घटना में बिजली से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। संबंधित कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद शनिवार शाम बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी। इस प्रकार सड़क और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के बाद क्षेत्र में जनजीवन को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
रविवार को सड़क पर यातायात बहाल होने के साथ ही स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने लगी। उरी-बारामूला हाईवे का खुलना क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मार्ग बंद होने के दौरान वैकल्पिक सड़क के माध्यम से संपर्क बनाए रखने की व्यवस्था की गई थी। पांच दिनों तक बाधित रहने के बाद मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने से लोगों को अब अपने नियमित आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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