पंचकूला जिले के रायपुर रानी में हरियाणा सरकार की वित्तीय आयुक्त एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तहसील कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व सेवाओं, कार्यालय की व्यवस्थाओं और अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
रायपुर रानी तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान डॉ. सुमिता मिश्रा ने संपत्ति पंजीकरण और लंबित म्यूटेशन मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सब-रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर के लिए लंबित दस्तावेजों पर बिना अनावश्यक देरी के कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि लोगों को अपने काम करवाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
तहसील कार्यालय में राजस्व रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को सुधारने और पुराने दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय में बिजली और इंटरनेट की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि सरकारी कामकाज में किसी तरह की बाधा न आए। इसके अलावा आमजन की शिकायतों का जल्द समाधान करने और तहसील परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद डॉ. सुमिता मिश्रा रायपुर रानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था देखकर उन्होंने असंतोष जताया और संबंधित अधिकारियों को इसमें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित सफाई, मेडिकल कचरे के उचित निस्तारण और शौचालयों की स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना मरीजों की सुरक्षा और बेहतर इलाज के लिए बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों को निजी अस्पतालों जैसी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार, आवश्यक जांच और दवाइयां उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल के प्रबंधन में सुधार करने और मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
रायपुर रानी CHC में सितंबर महीने के दौरान कुल 20,480 मेडिकल टेस्ट किए गए। अस्पताल में 52 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। निरीक्षण के दिन दोपहर 12:30 बजे तक पीडियाट्रिक OPD में 53 बच्चों की जांच हो चुकी थी, जबकि जनरल OPD में 510 मरीज पहुंच चुके थे। डॉ. सुमिता मिश्रा ने जांच सुविधाओं को नियमित रूप से चालू रखने और मरीजों को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने और काउंटर पर मरीजों की प्रतीक्षा अवधि कम करने के लिए जल्द QR कोड आधारित पंजीकरण प्रणाली लागू करने के निर्देश भी दिए।
अस्पताल की फार्मेसी का निरीक्षण करते हुए डॉ. सुमिता मिश्रा ने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को एंटी-रेबीज वैक्सीन, सांप के काटने पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम सप्लीमेंट और हीमोग्लोबिन जांच के लिए जरूरी स्ट्रिप्स का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को आवश्यक दवाइयां समय पर मिलनी चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में उपचार के लिए जरूरी संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम, नवजात शिशु देखभाल इकाई और पोस्टनेटल वार्ड का भी जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार, रायपुर रानी CHC में हर महीने लगभग 50 सामान्य प्रसव और 10 सिजेरियन ऑपरेशन किए जाते हैं। डॉ. सुमिता मिश्रा ने इन सेवाओं की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और आपातकालीन मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने अस्पताल के संबंधित स्टाफ को मरीजों की देखभाल और सुविधाओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
रायपुर रानी CHC में टीबी के लगभग 150 मरीज पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इनमें से 50 से 60 मरीजों को पोषण संबंधी सहायता मिल रही है। इस पर डॉ. सुमिता मिश्रा ने टीबी मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध करवाने, समय पर फॉलो-अप करने और पोषण सहायता का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने निक्षय मित्रों की भागीदारी बढ़ाकर जरूरतमंद मरीजों को सहायता उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। साथ ही पात्र मरीजों को पर्याप्त पोषण सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
निरीक्षण के अंतिम चरण में डॉ. सुमिता मिश्रा ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का उपस्थिति रजिस्टर भी जांचा। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित ड्यूटी समय के दौरान अपने-अपने वार्ड और कार्यस्थल पर मौजूद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर स्टाफ की उपस्थिति, स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन से ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकती हैं। इस दौरान कालका के एसडीएम संयम गर्ग, CHC रायपुर रानी के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. संजीव गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। औचक निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने राजस्व सेवाओं में तेजी लाने और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

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