हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मंदीप सिंह के अनुसार, हमारी जीवनशैली में सुधार करके ही हृदय रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि गतिहीन जीवनशैली, अनियमित खान-पान, और तनाव जैसे कारक हृदय रोगों के मुख्य कारण हैं। स्थानीय पार्क अस्पताल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने से हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आजकल की तेज़-रफ्तार ज़िंदगी में लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं, जिससे हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और इसके पीछे का मुख्य कारण जीवनशैली से जुड़ी आदतें हैं। उन्होंने बताया कि आजकल युवा वर्ग भी इस रोग की चपेट में आ रहा है, जो चिंता का विषय है। गतिहीन जीवनशैली के कारण शरीर में वसा का जमाव बढ़ जाता है, जिससे हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके परिणामस्वरूप, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य हृदय संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने सलाह दी कि युवाओं को अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना चाहिए।
इस अवसर पर, अस्पताल के सीईओ डॉ. सचिन सूद ने कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में आए बड़े बदलावों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल साइंस में हुए विकास के चलते अब दुर्लभ और जटिल हृदय विकारों से ग्रस्त मरीजों को भी बचाना संभव हो गया है। डॉ. सूद ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और नई सर्जिकल विधियों के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर एमवीआर, एवीआर और वीएसडी क्लोजर सर्जरी का उल्लेख किया, जिनसे कई मरीजों को नया जीवन मिला है।
डॉ. सूद ने बताया कि 42 वर्षीय हृदय वाल्व से पीड़ित एक मरीज की एमवीआर, एवीआर और वीएसडी क्लोजर सर्जरी की गई, जिससे उसे नया जीवन मिला। यह एक जटिल सर्जरी थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सर्जरी के लिए उच्च तकनीकी ज्ञान और अनुभवी चिकित्सकों की आवश्यकता होती है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि आज के चिकित्सा विज्ञान में कितनी प्रगति हो चुकी है।
संवाददाता सम्मेलन में डॉ. मंदीप सिंह और डॉ. सचिन सूद ने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे मरीजों को जागरूक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना और डॉक्टर की सलाह मानना आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य संगठनों से अपील की कि वे हृदय रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। डॉ. सिंह ने अंत में कहा कि जीवनशैली में सुधार ही हृदय रोगों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है, और इसके लिए हमें स्वयं को अनुशासित करना होगा।
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