चंडीगढ़, 20 मार्च 2025 – विश्वविख्यात रोबोटिक सर्जन डॉ. पीटर सी. लिम, जो सेंटर ऑफ होप में गायनीकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के मेडिकल डायरेक्टर हैं, ने भारत के प्रमुख गायनी रोबोटिक सर्जन डॉ. स्वप्ना मिश्रा को सम्मानित किया। डॉ. लिम, जिन्होंने 4000 से अधिक रोबोट-एडेड सर्जरी करने का कीर्तिमान स्थापित किया है, विशेष रूप से अमेरिका से भारत आए थे।
डॉ. स्वप्ना मिसरा, जो फोर्टिस अस्पताल मोहाली में प्रसूति और स्त्री रोग विभाग की डायरेक्टर हैं, को रोबोट-एडेड सर्जरी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। उन्होंने अत्याधुनिक चौथी पीढ़ी के रोबोट “दा विची एक्सआई” की सहायता से कई जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं।
डॉ. मिसरा ने अमेरिका के सैन डिएगो में डॉ. पीटर लिम के अधीन उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका में हाईएस्ट टीआर 500 प्रशिक्षण भी पूरा किया है और वह भारत की एकमात्र टीआर 500 प्रमाणित रोबोटिक सर्जन हैं।
फोर्टिस अस्पताल मोहाली में रोबोट-एडेड सर्जरी कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, डॉ. पीटर लिम ने कहा कि यह भारत में चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. स्वप्ना मिश्रा की सराहना की, जिन्होंने इस तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया और मरीजों को बेहतरीन उपचार प्रदान किया।
रोबोटिक सर्जरी मिनिमल इनवेसिव तकनीक का सबसे उन्नत रूप है, जिसमें 3डी कैमरे और रोबोटिक आर्म्स की सहायता से सर्जरी की जाती है। यह पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सटीक, कम दर्ददायक और शीघ्र रिकवरी वाला होता है।
फोर्टिस अस्पताल मोहाली में मरीजों की बढ़ती मांग को देखते हुए, हाल ही में एक और “दा विची एक्सआई” रोबोट जोड़ा गया है। इससे अधिक संख्या में मरीजों को लाभ मिलेगा और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा व्यापक रूप से उपलब्ध होगी।
डॉ. स्वप्ना मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि उन्हें डॉ. पीटर लिम के अधीन प्रशिक्षण लेने का अवसर मिला, जिससे उनकी विशेषज्ञता में और निखार आया। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से मरीजों को कम जटिलता और तेज़ रिकवरी का लाभ मिलता है।
डेकेयर गायनी रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से डॉ. मिसरा ने कई मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, जिससे सर्जरी के बाद मरीज उसी दिन अस्पताल से छुट्टी पा सकते हैं। इससे अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि और लागत में भी कमी आती है।
उन्होंने बताया कि रोबोट-एडेड सर्जरी अब फाइब्रॉइड्स, एंडोमेट्रियोसिस, वेसिको-वेजाइनल फिस्टुला, ओवेरियन सिस्ट, मायोमेक्टॉमी, हिस्टेरेक्टॉमी और स्त्री रोग संबंधी कैंसर के उपचार में स्वर्ण-मानक प्रक्रिया बन गई है।
इस समारोह में फोर्टिस अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर, प्रबंधन टीम के सदस्य और चिकित्सा क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठित विशेषज्ञ उपस्थित थे। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी की बढ़ती भूमिका और इसकी उपयोगिता पर चर्चा की।
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