चंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026। चंडीगढ़ पुलिस ने मनीमाजरा में वाहन चोरी के एक मामले को सुलझाते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 वर्षीय आरोपी करण को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई होंडा सिटी कार बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, मामले की आगे की जांच के दौरान पुलिस ने दो अन्य कारें और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस प्रकार पुलिस ने कुल चार वाहन अपने कब्जे में लिए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के मामलों की जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस बरामद वाहनों के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए मामले की जांच कर रही है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में ई-एफआईआर नंबर 1546 दिनांक 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत थाना मनीमाजरा में दर्ज की गई थी। जांच के दौरान बाद में इस मामले में बीएनएस की धारा 317(2) भी जोड़ी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की और चोरी हुए वाहन का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान करने की दिशा में काम किया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की शिकायत पूजा सूद, पत्नी कुलदीप सूद, निवासी शांति नगर, मनीमाजरा ने दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी सिल्वर-ग्रे रंग की होंडा सिटी कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर CH04B915 है, 25 अक्टूबर को मनीमाजरा स्थित एक कॉम्प्लेक्स से चोरी हो गई थी। शिकायत में बताया गया कि कार दोपहर 12:05 बजे से शाम 4:52 बजे के बीच चोरी हुई। वाहन के निर्धारित स्थान से गायब होने की जानकारी मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की और चोरी हुई कार की बरामदगी के लिए कार्रवाई की।
जांच के दौरान पुलिस ने करण, पुत्र राजेश, निवासी मकान नंबर 1359, गांव बुरैल, सेक्टर-45, चंडीगढ़ को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से संबंधित जानकारी और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चोरी की गई होंडा सिटी कार बरामद की। बरामदगी के बाद वाहन को जब्ती मेमो के माध्यम से पुलिस कब्जे में ले लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का क्या विवरण है। मामले में आगे की जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई केवल शिकायतकर्ता की कार की बरामदगी तक सीमित नहीं रही। जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी की निशानदेही पर तीन अन्य वाहन भी बरामद किए गए। इनमें मारुति जेन कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR03E5177 है, मारुति 800 कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HP37A7581 है, और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर PB-23-S-1550 है, शामिल हैं। पुलिस ने इन तीनों वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस बरामदगी के बाद पुलिस अब इन वाहनों के संबंध में आवश्यक विवरण और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
चार वाहनों की बरामदगी के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद किए गए अन्य वाहन किन परिस्थितियों में आरोपी के पास पहुंचे और क्या उनका संबंध पहले दर्ज किसी वाहन चोरी के मामले से है। इसके साथ ही वाहनों के पंजीकरण संबंधी विवरण और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच भी मामले की आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, बरामद वाहनों को अपने कब्जे में लेने के आधार पर सभी मामलों के आपसी संबंध के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोपी के खिलाफ पहले दर्ज छह मामलों का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ये मामले वर्ष 2017, 2023 और 2025 के हैं तथा थाना-17, थाना-19, थाना-34 और थाना-मलोया से संबंधित हैं। इन मामलों में चोरी सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस आरोपी की पिछली आपराधिक गतिविधियों से संबंधित रिकॉर्ड को भी जांच के संदर्भ में देख रही है। हालांकि, पहले दर्ज मामलों का उल्लेख अपने आप में वर्तमान मामले में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मौजूदा मामले में आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
वाहन चोरी की घटनाएं आम नागरिकों के लिए आर्थिक नुकसान और असुविधा का कारण बनती हैं। ऐसे मामलों में चोरी हुए वाहनों की शीघ्र बरामदगी, शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। मनीमाजरा के इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और चार वाहनों की बरामदगी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। पुलिस अब बरामद वाहनों के संबंध में उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि करने और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल करने में जुटी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई के बीच नागरिकों से भी अपील की जाती है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। वाहन पार्क करते समय लॉक की जांच करना, उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस को सूचित करना उपयोगी कदम हो सकते हैं। वाहन चोरी की घटना होने पर वाहन का पंजीकरण नंबर, मॉडल, रंग और अन्य जरूरी विवरण पुलिस को उपलब्ध कराने से जांच में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से नागरिकों के लिए किसी विशेष नई एडवाइजरी की जानकारी नहीं दी गई है।
फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। पुलिस ने चोरी की होंडा सिटी कार के साथ दो अन्य कारें और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर कुल चार वाहनों को अपने कब्जे में लिया है। जांच के दौरान इन वाहनों से जुड़े तथ्यों, आरोपी के रिकॉर्ड और मामले की अन्य परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की अगली कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी। इस मामले में चार वाहनों की बरामदगी महत्वपूर्ण प्रगति है, जबकि आगे की जांच से वाहन चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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