CCPCR

बाल अधिकार एवं अग्नि सुरक्षा पर सीसीपीसीआर की अहम बैठकें!

बाल अधिकार एवं अग्नि सुरक्षा पर सीसीपीसीआर की अहम बैठकें!

चंडीगढ़, 20 मार्च 2025: चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CCPCR) ने आज स्कूलों में बाल अधिकारों की जागरूकता बढ़ाने और अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और समर्थ वातावरण प्रदान करना था।

पहली बैठक में, सीसीपीसीआर ने सरकारी स्कूलों के क्लस्टर प्रमुखों के साथ चर्चा की, जिसमें स्कूलों में “CCPCR क्लब” स्थापित करने पर जोर दिया गया। इन क्लबों के माध्यम से छात्रों को उनके अधिकारों की जानकारी मिलेगी और वे अपनी चिंताओं को खुलकर साझा कर सकेंगे। आयोग ने कहा कि बच्चों को जागरूक और सशक्त बनाना बाल अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीसीपीसीआर क्लब छात्रों के लिए संवाद और सीखने का एक मंच होगा, जहां वे बाल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकेंगे। इन क्लबों में नियमित रूप से कार्यशालाओं और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों को अपने अधिकारों की समझ विकसित करने और अपने हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।

बैठक में अधिकारियों ने इन क्लबों की संरचना और उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। प्रत्येक स्कूल में छात्र प्रतिनिधि और शिक्षक समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे, जो सीसीपीसीआर के मार्गदर्शन में क्लबों का संचालन करेंगे। आयोग ने आश्वासन दिया कि क्लबों की प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके अलावा, आयोग ने स्कूलों में अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक में स्कूल प्रशासन, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बाल अधिकार विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने स्कूलों में मौजूदा अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सुरक्षा में सुधार के लिए आवश्यक कदम सुझाए।

बैठक में यह सामने आया कि कई स्कूलों में आग से बचाव के उपकरण तो उपलब्ध हैं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने की जागरूकता की कमी है। सीसीपीसीआर ने निर्देश दिया कि सभी स्कूल नियमित अग्नि सुरक्षा अभ्यास (फायर ड्रिल) करें ताकि छात्र और शिक्षक किसी भी आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया दे सकें।

आयोग ने स्कूलों को तुरंत अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय, जैसे कि फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास और निकासी योजनाएं (इवैकुएशन प्लान) पूरी तरह से कार्यशील हों। इसके अलावा, स्कूल प्रशासन को अग्निशमन विभाग के सहयोग से अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया गया।

सीसीपीसीआर ने यह भी घोषणा की कि इन नई पहलों की निगरानी के लिए एक विशेष तंत्र विकसित किया जाएगा। स्कूलों को इन उपायों के कार्यान्वयन पर नियमित रिपोर्ट सौंपनी होगी, और आयोग समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा ताकि किसी भी समस्या का समाधान किया जा सके।

सीसीपीसीआर के एक प्रवक्ता ने कहा, “बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना हमारी जिम्मेदारी है। स्कूलों में सीसीपीसीआर क्लबों की स्थापना और अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा से हम बच्चों के लिए एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

ये नई पहल चंडीगढ़ में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। सीसीपीसीआर ने आश्वासन दिया कि वह स्कूलों, माता-पिता और संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य करेगा ताकि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य मिल सके।